उत्तराखंड की प्रमुख जनजातियाँ (Major tribes of Uttarakhand)

उत्तराखंड में मुख्यतः जौनसारी , थारू, भोटिया, बोक्सा एवं राजी जनजातियाँ निवास लारती है , जिन्हें 1967 से अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत रखा गया है। उत्तराखंड में सर्वाधिक जनसँख्या वाली जनजाती थारू तथा सबसे कम जनसंख्या वाली जनजाति राजी है। उत्तराखंड में सबसे अधिक अनुसूचित जनजाती के लोग उधम सिंह नगर तथा सबसे  कम रुद्रप्रयाग में निवास करते है तथा अनुसूचित जनजाती का सबसे अधिक प्रतिशत उधम सिंह नगर तथा  सबसे कम प्रतिशत टिहरी में है। राज्य की 70 विधानसभा सीटो में से दो सीट नानकमत्ता  तथा चकराता अनुसूचित जनजाती के लिए आरक्षित है।

थारु

  • थारू लोग मुख्यतः उधम सिंह नगर जिले में निवास करते है यह उत्तराखंड का सबसे बड़ा जनजातीय समूह है, थारुओ को किरात वंश का माना जाता है 
  • थारू जनजाती के लोगो में बदला विवाह प्रथा तथा तीन टिकठी विवाह प्रथा प्रचलित है , थारुओ में दोनों पक्षो से विवाह तय हो जाने को पक्की पोड़ी कहा जाता है 
  • लठभरवा भोज  थारू जनजाती से सम्बंधित है 
  • थारुओ द्वारा बजहर नामक त्यौहार मनाया जाता है दीपावली को ये शोक पर्व के रूप में मनाते है , थारू जनजाति द्वारा होली के मौके पर खिचड़ी नृत्य किया जाता है 

जौनसारी

  • जौनसारी जनजाती के लोग देहरादून के चकराता, त्यूनी, कालसी , लाखामंडल क्षेत्र , उत्तरकाशी का परग नेकान क्षेत्र तथा टिहरी के जौनपुर क्षेत्र में निवास करते है 
  • जौनसारी राज्य का दूसरा बड़ा जनजातीय समूह है 
  • देहरादून के चकराता, कालसी व त्यूनी को संयुक्त रूप से जौनसार बावर क्षेत्र कहा जाता है इस क्षेत्र की मुख्या भाषा जौनसारी है 
  • हनौल जौनसारी समुदाय का प्रमुख तीर्थस्थल है 
  • जौनसारी समुदाय के मुख्य त्यौहार बिस्सू (बैसाखी) , पंचाई (दशहरा), दियाई (दिवाली), नुणाई , अठोई आदि है ये दीपावली को एक माह बाद मनाते है 
  • हारुल, रासों, घुमसू , झेला, धीई, तांदी, मरोज , पौणाई आदि इनके प्रमुख्य नृत्य है 
  • जौनसार में ग्राम पंचायत को खुमरी कहा जाता है 

भोटिया

  • उत्तराखंड में भोटिया जनजाती के लोग मुख्यतः पिथोरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी तथा अल्मोड़ा जिलो में निवास करते है मारछा, तोल्छा , जोहारी, शौका , दमरिया, चौन्दासी, व्यासी , जाड ,जेठरा,  छापड़ा इनकी प्रमुख उप जातियां हैं
  • भोटिया महा हिमालय की सर्वाधिक जनसँख्या वाली जनजाती है
  • भोटिया लोगो द्वारा विवाह के अवसर पर पौणा नृत्य किया जाता है 
  • तुबेरा, बाज्यू, तिमली आदि भोटिया लोगो के प्रमुख लोकगीत है 

बोक्सा

  • बोक्सा जनजाति उत्तराखंड में उधम सिंह नगर के बाजपुर, गदरपुर तथा काशीपुर , नैनीताल के रामनगर आदि स्थानों पर निवास कराती है 
  • चैती, नौबी, होली, दीपावली इनके प्रमुख त्यौहार है 

राजी

  • राजी जनजाति पिथोरागढ़ के धारचूला ,डीडीहाट विकासखंडो में निवास करती है 
  • राजी जनजाति के लोगो को बनरौत ,बनरावत , जंगल के राजा आदि नामो से भी जाना जाता है 
  • राजी उत्तराखंड की सबसे कम जनसँख्या वाली जनजाती है  

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Suraj Mainali

हैलो दोस्तों मेरा नाम सूरज मैनाली है Smeducation एक प्रोफेशनल एजुकेशनल प्लेटफॉर्म है। जहां प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से संबंधित जानकारी हिन्दी भाषा में उपलब्ध है।

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