बिहार का इतिहास – History of Bihar in Hindi

History of Bihar in Hindi

History of Bihar in Hindi : बिहार का इतिहास भारत के सबसे पुराने और समृद्ध इतिहासों में से एक है। यह भूमि प्राचीन काल से ही ज्ञान, संस्कृति और धर्म का केंद्र रही है। बिहार का नाम ‘विहार’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ है “मठ” या “धार्मिक स्थान।” यह नाम प्राचीन समय में बौद्ध धर्म के विहारों से लिया गया है। बिहार के इतिहास का अध्ययन हम तीन भागों में करेंगे प्राचीन काल, मध्य काल और आधुनिक काल ।

प्राचीन काल (Ancient Period)

बिहार के प्राचीन काल का इतिहास की समय सीमा छठी शताब्दी तक मानी जाती है बिहार प्राचीन भारत के सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक था। यहाँ मौर्य साम्राज्य और गुप्त साम्राज्य जैसे महान साम्राज्यों का उदय हुआ। मौर्य सम्राट अशोक ने यहीं से अपना शासन चलाया और बौद्ध धर्म का प्रसार किया। नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय बिहार में ही स्थित थे। बिहार के प्राचीन काल का अध्ययन करने  के लिए हम इसे दो भागो में बाँट सकते है

  1. पूर्व ऐतिहासिक काल
  2. ऐतिहासिक काल

पूर्व ऐतिहासिक काल 

  • यह अत्यंत पुराना काल है इस काल में बिहार में आदिमानवो का निवास हुआ करता था जिनके साक्ष बिहार के मुंगेर, गया , पटना आदि स्थानों से मिले है
  • इस काल के प्राप्त अवशेषों में  कुल्हाड़ी, चाकू, खुर्पी,पत्थर के छोटे टुकड़ों से बनी वस्तुएँ तथा तेज धार और नोंक वाले औजार आदि प्रमुख है

ऐतिहासिक काल 

बिहार के इतिहास में ईशा पूर्व छटी शताब्दी को प्राचीन ऐतिहासिक काल माना जाता है इस समय बिहार में मुख्यतः चार राज्य विदेह (मिथिला), वज्जी, अंग, और मगध थे 

विदेह (मिथिला)

  • यह वैदिक कालीन भारत में एक प्राचीनतम साम्राज्य था जिसकी स्थापना राजा जनक ने की थी 
  • विदेह साम्राज्य की राजधानी मिथिला थी और विदेह को मिथिला नाम से भी जाना जाता था 
  • विदेह की सीमा उत्तर बिहार के मिथिला क्षेत्र से नेपाल के पूर्वी तराई क्षेत्र तक फैली थी 

वज्जी 

  • वज्जी प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदो में से एक था जिसकी राजधानी वैशाली थी 
  • वज्जी बिहार में गंगा नदी के दायिने तट पर स्थित था 

अंग 

  • अंग भी प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदो में से एक था जिसकी राजधानी चंपा थी जिसका पुराना नाम मालिनी था जो चंपा नदी के तट पर स्थित थी 
  • अंग महाजनपद का सबसे पहले उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है 
  • अंग की पूर्वी सीमा इसके पड़ोसी राज्य मगध से लगी थी जो चंपा नदी से विभक्त होती थी 

मगध 

  • वर्तमान भारत के बिहार, झारखंड, ओड़िशा राज्य और बांग्लादेश एवं नेपाल तक मगध का क्षेत्र था 
  • मगध की पहली राजधानी राजगृह थी और बाद में पाटलिपुत्र को मगध की राजधानी बनाया गया 
  • मगध की राजधानी राजगृह का पुराना नाम गिरिवृज्ज था जिसे अजातशत्रु के शाशनकाल में राजगृह किया गया 
  • मगध एक विशाल साम्राज्य था जिस पर कई राजवंशो ने बारी – बारी  से शासन किया 

मगध के प्रमुख राजवंश  

वृहद्रथ वंश 

  • इस वंश के संस्थापक वृहद्रथ थे जिन्हें महारथ के नाम से भी जाना जाता था 
  • वृहद्रथ वंश मगध साम्राज्य का प्रारंभिक वंश था 

हर्यक वंश 

  • हर्यक वंश मगध पर शासन करने वाला दूसरा वंश था जिसकी राजधानी प्रारंभ में राजगीर व बाद में पाटलिपुत्र थी 
  • हर्यक वंश का संस्थापक बिम्बिसार या उसके पिता भट्टिय को माना जाता है 
  • हर्यक वंश के प्रमुख शासक बिम्बिसार, अजातशत्रु, उदयीन आदि थे 
  • हर्यक वंश के पश्चात बिहार में शिशुनाग वंश का राज्य हुआ 

शिशुनाग वंश 

  • इस वंश की स्थापना शिशुनाग ने 413 ईशा पूर्व में की जो हर्याक वंश के राजा नागदशक का मंत्री था 
  • प्रारंभ में इस राजवंश की राजधानी राजगीर थी जिसे बाद में पाटलिपुत्र लाया गया 
  • शिशुनाग साम्राज्य के शासनकाल में वैशाली में द्वितीय बौद्ध परिषद् का आयोजन 383 ईशा पूर्व में हुआ 

नन्द वंश 

  • नन्द वंश की स्थापना महापदम नन्द ने की , नन्द वंश का शासनकाल 345 से 321 ईशा पूर्व तक रहा 
  • महापदम नन्द को पुराणों में ‘सभी क्षत्रियो का संहारक’ बताया गया है 
  • नन्द वंश का  अंतिम शासक घनानंद था जो महापदम नन्द का पुत्र था 

मौर्य साम्राज्य 

  • मौर्य साम्राज्य कि स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य ने की जो 322 ईशा पूर्व में मगध की राजगद्दी पर बैठा|
  • मौर्य साम्राज्य के प्रमुख राजा चन्द्रगुप्त मौर्य, बिन्दुसार, अशोक थे 
  • मौर्य वंश के बाद बिहार में अनेक छोटे- छोटे राजवंशो ने शासन किया जिसके बाद गुप्त साम्राज्य का उदय हुआ 

गुप्त साम्राज्य 

  • गुप्त वंश का संस्थापक श्रीगुप्त था 
  • चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्र गुप्त एवं चन्द्रगुप्त द्वितीय गुप्त वंश के प्रमुख शासक थे 

मध्य काल (Medieval Period)

मध्यकाल में बिहार पर दिल्ली सल्तनत और मुगल साम्राज्य का प्रभाव रहा। इस दौरान यह क्षेत्र राजनीतिक और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। बिहार में मध्यकाल में गुलाम वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, नूहानी वंश, चेर वंश, मुग़ल वंश आदि राजवंशो ने शासन किया

गुलाम वंश 

  • गुलाम वंश की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ई. में की वह मुहम्मद गौरी का गुलाम था
  • कुतुबुद्दीन ऐबक की राजधानी लाहौर थी
  • कुतुबुद्दीन ऐबक को लाल बख्श के नाम से भी जाना जाता था

खिलजी वंश 

  • खिलजी वंश का संस्थापक जलालुद्दीन फिरोज खिलजी था
  • 1296 में जलालुद्दीन फिरोज खिलजी की हत्या करके उसका भतीजा अलाउद्दीन खिलजी शासक बना
  • अलाउद्दीन खिलजी ने बिहार के दरभंगा पर फतह हासिल करने के लिए शेख मोहम्मद इस्माइल को भेजा लेकिन वहां के राजा सकरा सिंह ने उसे पराजित  कर दिया लेकिन कुछ समय बाद अलाउद्दीन खिलजी ने पुनः आक्रमण कर उन्हें अपना सहयोगी बना लिया

तुगलक वंश 

  • तुगलक वंश की स्थापना गयासुद्दीन तुगलक ने 1320 ई. में की
  • गयासुद्दीन तुगलक ने 1324 ई. में बंगाल अभियान से लौटते समय उत्तर बिहार के कर्नाट वंशीय शासक हरिसिंह देव को पराजित किया।
  • तुगलक शासन के दौरान बिहार के दरभंगा को तुगलकपुर कहा जाता था 

नुहानी वंश 

  • नुहानी वंश सिकंदर लोदी के दिल्ली की गद्दी हासिल करने के बाद अस्तित्व में आया 
  • इस वंश का राजा दरिया खान था और बहार खान उसका उत्तराधिकारी हुआ जिसने ‘सुलतान मोहम्मद’ की उपाधि धारण की थी 

शेरशाह सूरी  

  • शेरशाह सूरी का वास्तविक नाम फरीद खाँ था
  • शेरशाह सूरी का पिता हसन बिहार के सासाराम का जमींदार था
  • शेरशाह सूरी  का मखबरा बिहार के सासाराम शहर में स्थित है 

आधुनिक काल (Modern Period)

ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार एक बड़ा कृषि क्षेत्र बन गया। 1912 में इसे बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग कर एक स्वतंत्र प्रांत बनाया गया। स्वतंत्रता संग्राम में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चंपारण आंदोलन, जिसे महात्मा गांधी ने नेतृत्व दिया, बिहार की भूमि पर ही शुरू हुआ।

  • भारतीय इतिहास की प्रसिद्ध बक्सर की लड़ाई 1764 में लड़ी गयी, बक्सर वर्तमान बिहार में ही पटना से 115 किमी की दूरी पर स्थित है 
  • ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में बिहार का पटना एक प्रमुख व्यापार केंद्र था 
  • 1857  के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बिहार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इस संग्राम को यहाँ सिपाही विद्रोह के नाम से भी जाना जाता है 
  •  1857  के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में बिहार के बाबु कुंवर सिंह प्रमुख थे उन्होंने  ईस्ट इंडिया कंपनी की कई टुकड़ियो के खिलाफ विद्रोह किया और विजय भी रहे 
  • बिहार 1912 तक बंगाल प्रेसीडेंसी का एक हिस्सा था 
  • 1912 में बंगाल प्रेसीडेंसी को विभाजित कर बिहार और ओड़िशा नाम के नए प्रांत का निर्माण किया गया और पटना को बिहार की राजधानी बनाया गया 
  • बिहार में स्वामी सहजानंद सरस्वती ने 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा का गठन किया इसका उद्देश्य किसानो को एकजुट करना था 
  • बिहार का पहला मंत्रिमंडल 2 अप्रैल 1946 में गठित किया गया जिसमे एस. श्रीकृष्ण सिंह बिहार के पहले मुख्यमंत्री व डॉ.  अनुग्रह नारायण सिंह को उप मुख्यमंत्री बनाया गया इस मंत्रिमंडल ने 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद कार्यभार संभाला|
  • भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी बिहार के ही थे 

FAQs on History of Bihar in Hindi

बिहार का नाम ‘बिहार’ कैसे पड़ा?

‘बिहार’ नाम ‘विहार’ शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है मठ या धार्मिक स्थल।

प्राचीन काल में बिहार में कौन-कौन से साम्राज्य स्थापित हुए?

मौर्य साम्राज्य, गुप्त साम्राज्य और वज्जी संघ जैसे महत्वपूर्ण साम्राज्य स्थापित हुए।

नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय क्यों प्रसिद्ध थे?

ये प्राचीन भारत के विश्वविख्यात शिक्षा केंद्र थे, जहाँ देश-विदेश से छात्र पढ़ाई करने आते थे।

मध्यकाल में बिहार पर किन राजवंशों ने शासन किया?

गुलाम वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, नुहानी वंश और मुग़ल वंश।

शेरशाह सूरी का वास्तविक नाम क्या था?

शेरशाह सूरी का वास्तविक नाम फरीद खाँ था।

चंपारण आंदोलन का क्या महत्व है?

यह गांधीजी द्वारा शुरू किया गया पहला सत्याग्रह आंदोलन था, जो नील किसानों के समर्थन में था।

बिहार के पहले मुख्यमंत्री कौन थे?

बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह थे।

पटना को बिहार की राजधानी कब बनाया गया?

1912 में पटना को बिहार की राजधानी बनाया गया।

Also read…

बिहार का भूगोल – Geography of Bihar in Hindi

About the Author

Suraj Mainali

हैलो दोस्तों मेरा नाम सूरज मैनाली है Smeducation एक प्रोफेशनल एजुकेशनल प्लेटफॉर्म है। जहां प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से संबंधित जानकारी हिन्दी भाषा में उपलब्ध है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top