
मध्य प्रदेश, जिसे भारत का “हृदय स्थल” कहा जाता है, भौगोलिक दृष्टि से विविधता से भरपूर राज्य है। यह राज्य पठारों, पहाड़ियों, नदियों, जंगलों और उपजाऊ मैदानों से घिरा हुआ है। यहाँ की भौगोलिक स्थिति न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, बल्कि कृषि, जलवायु, खनिज संसाधन और नदियों की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम मध्य प्रदेश के भूगोल से जुड़ी प्रमुख जानकारी जैसे भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संरचना, जलवायु, नदियाँ, मृदा और खनिज संसाधनों का अध्ययन करेंगे।
भौगिलोक संरचना की दृष्टि से मध्य प्रदेश मुख्यतः पठारी प्रदेश है भौगोलिक संरचना की दृष्टि से मध्य प्रदेश को निम्न भू भागो में विभाजित किया जा सकता है|
- मध्य उच्च प्रदेश
- मध्य भारत का पठार
- बुंदेलखंड का पठार
- मालवा का पठार
- रीवा – पन्ना का पठार
- नर्मदा घाटी
- सतपुड़ा मैकाल श्रेणियां
- पूर्वी पठार (बधेलखंड का पठार)
मध्य उच्च पठार
मध्य उच्च पठार राज्य के उत्तर व उत्तर पश्चिम भाग में फैला है इसे निम्नलिखित उपभागो में विभाजित किया जा सकता है
i. मध्य भारत का पठार
मध्य भारत का पठार राज्य के उत्तर व उत्तर पश्चिम में स्थित है इसकी उचाई 300 से 500 मीटर है और इस क्षेत्र का क्षेत्रफल लगभग 33000 वर्ग किमी है , इस पठार की सीमा पूर्व में बुंदेलखंड के पठार, पश्चिम में पश्चिम में राजस्थान के बूंदी और करौली प्रदेश , उत्तर में यमुना के मैदान तथा दक्षिण में मालवा के पठार से लगी है|
मध्य भारत के पठार में चम्बल, सिंध, पार्वती, कूनू आदि नदियाँ बहती है
ii. बुंदेलखंड का पठार
बुंदेलखंड का पठार मध्य प्रदेश के उत्तर में स्थित है इसकी ऊंचाई 155 मीटर से 400 मीटर तक है व इसका क्षेत्रफल लगभग 24000 वर्ग किमी है
यह पठार मुख्यतः प्री-कैम्ब्रियन युग की रवेदार तथा ज्वालामुखी परतदार शैलों से बना है
iii. मालवा का पठार
मालवा का पठार मध्य प्रदेश के उत्तर पश्चिम में स्थित त्रिभुजाकार पठार है इसकी ऊंचाई 600 से 1500 मीटर तक है
मालवा का पठार एक लावा पठार है इसके पूर्व में बुदेंलखंड और उत्तर पश्चिम में अरावली पहाड़ियाँ स्थित है। इसकी ढाल उत्तर पूर्व की ओर है। यहाँ की नदियाँ चंबल, काली सिंध, बेतवा, केन, पार्वती, बेबस आदि है।
iv. रीवा-पन्ना का पठार
रीवा पन्ना का पठार राज्य के उत्तर में व इसका कुछ क्षेत्र मध्य में स्थित है इसकी औसत ऊंचाई 350 मीटर व क्षेत्रफल 32000 वर्ग किमी है , इसके उत्तर में बुंदेलखंडका पठार व अवध का मैदान और पश्चिम में मालवा का पठार है
इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ टोंस व केन नदी है
v. नर्मदा घाटी
नर्मदा नदी मैकाल पहाड़ियों के अमरकंटक पर्वत से निकलती है जो मध्य प्रदेश में संकरी घाटी का निर्माण करती है नर्मदा घाटी की चौड़ाई 10 से 12 किमी. है नर्मदा घाटी के उत्तर में विंध्य पहाड़ियां व दक्षिण में सतपुड़ा व महादेव की पहाड़ियां है
नर्मदा की प्रमुख सहायक नदियाँ बरना , चंद्रकेषर, कानर , मान , उटी , बरनाट, शक्कर , दूधी, गंजाल, तवा, कुंदी आदि है|
सतपुड़ा मैकाल श्रेणियां
सतपुड़ा मैकाल पर्वत श्रेणियां मध्य प्रदेश राज्य में नर्मदा घाटी के दक्षिण में स्थित है इसकी औसत ऊंचाई 400 से 600 मीटर है सतपुड़ा श्रेणियां नर्मदा व ताप्ती नदियों से घिरी त्रिभुजाकार क्षेत्र के रूप में विस्तृत है
पूर्वी पठार (बधेलखंड का पठार)
बधेलखंड का पठार या पूर्वी पठार राज्य के पूर्व में स्थित है यह राज्य का प्राचीनतम भूखंड है इस क्षेत्र में सोन नदी पर्वाहित होती है
